इंटरनेट क्या है? [What is Internet?]
नेटवर्क साधारणतया कम्प्यूटरों का एक समूह है जिन्हें सूचनाओं तथा संसाधनों के आदान-प्रदान करने के लिए जोड़ा जाता है। संसार के इस प्रकार के कई नेटवर्को को इकट्ठा जोड़ा गया है जिन्हें हम इंटरनेट कहते हैं।
इस प्रकार इंटरनेट, नेटवर्को का नेटवर्क है जो
(i) Physically आपस में जोड़ा गया है।
(ii) एक दूसरे से डाटा का आदान-प्रदान कर सकते है।
(ii) सब नेटवर्क मिलकर एक पृथक नेटवर्क बना सकते हैं जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है।
परिभाषा
Internet is a global network of computer networks, which allows the participants (users) to share information on those linked computers.
इंटरनेट के मुख्य उपयोग [Main Uses of the Internet]
इंटरनेट के मुख्य उपयोग इस प्रकार हैं:
संचार
(I)इंटरनेट, एक दूसरों से बातचीत करने की कई विधियों, प्रदान करता है। कुछ मुख्य ढंग इस प्रकर है:
(ii) ई-मेल (E-mail)
(ii) वीडियो कानफ्रेंसिंग (Video conferencing)
(iii) चैटिंग (Chating)
(iv) इंटरनेट टेलीफोनी (Internet Telephony)
(b) मनोरंजन: विभिन्न प्रकार के मनोरंजन है:
(i) आन लाईन खेल खेलना
(ii) नवीनतम फिल्मों के Clips देखना
(iii) कार्टून फिल्में देखना
(iv) संगीत सुनना
(v) आनलाईन समाचार पत्र तथा किताबे पढ़ना
(c) अनुसंधान तथा शिक्षात्मक प्रयोग:
इस वर्ग में इंटरनेट के मुख्य उपयोग इस प्रकार है:
(i) वैज्ञानिक तथा दार्शनिक इंटरनेट का उपयोग अपने क्षेत्रों में नवीनतम घटनाओं के बारे में सूचनाएं पाने के लिए करते है।
(ii) विद्यार्थी आनलाईन कक्षा (अथवा कोर्स) में सम्मिलित हो सकते है।
(iii) विद्यार्थी आनलाईन परीक्षा के लिए बैठ सकते है।
(iv) विद्यार्थी आनलाईन परिणामों को देख सकते हैं।
(v) विद्यार्थी किसी विशेष कोर्स के लिए आनलाईन Apply कर सकते हैं।
(vi) किसी विशेष कोर्स जैसे बी.ई/बी.टेक के लिए आनलाईन परामर्श ले सकते है।
(d) खरीदारी:
आप लगभग सभी वस्तुएं आनलाईन खरीद सकते हैं।
(e) सूचना की खोज:
प्रत्येक व्यक्ति अपनी रुचि अनुसार सूचना प्राप्त करने के लिए इंटरनेट खोज सकता है। आप नेट को निम्न के लिए खोज सकते हैं:
(i) नौकरी
(ii) जीवनसाथी
(iii) ज्योतिष
(iv) रेलवे सारणी
(v) कला तथा सांस्कृति इत्यादि
(f) विज्ञापन उपयोग:
सभी बड़ी कम्पनी तथा संस्थान अपने उत्पादित वस्तु, पैकेज अथवा कोर्स के लिए विज्ञापन के लिए इंटरनेट का उपयोग करते है।
घर पर इंटरनेट को जोड़ने के ढंग [Ways to Connect to Internet at Homel
घर (अथवा कालेज) पर इंटरनेट को जोड़ने के मुख्य तीन अंग है।
(i) डायल-अप कनैक्शन
(ii) ब्रॉडबैंड कनैक्शन
(iii) Wireless कनैक्शन
Dial-अप कनैक्शन (Dial-up Connection)
डायल-अप कनैक्शन में, यूजर इंटरनेट सर्विस प्रोवाईडर (ISP) से एक अल्पकालिक कनैक्शन जोड़ सकता है। इंटरनेट सेवाओं का उपयोग कुछ समय करने के बाद इसे विच्छेद कर सकता है।
इस प्रकार के कनैक्शन में मोडेम तथा नियमित टेलीफोन लाईन द्वारा इंटरनेट जोड सकते हैं जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है।
यह इंटरनेट अभिगम का सबसे सस्ता ढंग है और अधिकतर यूजर इस ढंग द्वारा इंटरनेट का उपयोग करते है।
टिप्पणी: An Internet Service Provider (ISP) is a company that provides access to the Internet. Some examples of ISP are BSNL, Airtel, Reliance. MTNL VSNL etc.
हार्डवेयर की आवश्यकताएँ [Hardware Requirements]
(i) कम्प्यूटर पेन्टियम-IV या कोई दूसरा इंटरनेट के लिए उपयुक्त PC
(ii) मोडम: 28.8 या 33.6 किलोबाईट प्रति सैकिण्ड
(III) टेलीफोन लाईन
सॉफ्टवेयर की आवश्यकताएँ [Software Requirement]
(i) संचार सेंॉफ्टवेयर संचार सॉफ्टवेयर एक कम्प्यूटर प्रोग्राम है जो आपके कम्प्यूटर को मोडम से जोड़ता है।
(ii)Web ब्राउजर: यदि आप WWW पर पहुँचना चाहते हैं तो आपको एक ब्राउजर प्रोग्राम चाहिए। माईक्रोसोफ्ट इंटरनेट एक्सप्लोटर तया नेटस्केप नेवीगेटर सबसे अधिक लोकप्रिय वेब ब्राउजर है।
(iii) आपको FTP सॉफ्टवेयर तथा (RC (Internet Relay Chat) सॉफ्टवेयर भी चाहिए। WS FTP बहुत लोकप्रिय FTP सॉफ्टवेयर है। MIRC तथा ICCE बहुत लोकप्रिय IRC सॉफ्टवेयर है।
डायल-अप कनैक्शन के लाभ [Advantages of Dial Up Connection]
(i) कम खर्चीला
(ii) बहुत कम हार्डवेयर तथा साफ्टवेयर संसाधन
हानियाँ (Disadvantages)
(i) कम गति,
(ii) कम विश्वसनीयता
ब्रॉडबैण्ड कनेक्शन (Broadband Connection)
ब्राडबैण्ड का अर्थ है कि एक Circuit कितना डाटा ले जा सकता है। ब्राडवेण्ड कनेक्शन की गति 256KBPS (किलोबाईट प्रति सैकिण्ड) से 8MBPS (मंगाबाईट प्रति सैकिण्ड) होती है। ब्रॉडबैण्ड सेवा तीन मुख्य मंच पर उपलब्ध है।
1. केबल modem (Cable Modem)
केबल मोडम यूजर को केवल टी.वी. लाईन द्वारा इंटरनेट से जोड़ता है। केबल मोडम न केवल तीव्र गति इंटरनेट सेवा (डायल अप कनेक्शन से 10 से 100 गुणा अधिक) है। बल्कि वे टी.वी. को भी प्रभावी interactivity प्रदान करते हैं।
2. डी.एस.एल. (डिपिटल ग्राहक लाईन) (DSL - Digital Subscriber Line)
DSL सेवा विद्यमान फोन लाईन द्वारा प्रदान की जाती है। परन्तु यह नियमित एनालोग मोडम डाय-अप असैस की तुलना में भिन्न कार्य करता है।
DSL एक सामान्य टेलीफोन लाईन पर कार्य करता है और इसका उपयोग टेलीफोन लाईन के साथ साथ किया जा सकता है। DSL सामान्य डायल-अप मोडम की तुलना में दस गुणा गति बढ़ा सकता है।
3. कृत्रिम उपग्रह ब्राडवैण्ड (Satellite Broadband)
दूर दराज स्थानों के लिए इस प्रकार का ब्राडबैण्ड अच्छा है। जहाँ पर केबल या DSL उपलब्ध नहीं है। कृत्रिम उपग्रह ब्रॉडवैण्ड, केबल तथा DSL दोनों की तुलना में धीमा है, खराच मौसम द्वारा बाधित हो सकता है और इसे अपने घर या संस्थान पर लगाने के लिए सैटलाईट डिश की आवश्यकता है।
ब्रॉडवेण्ड कनेक्शन के लाभ [Advantages of Broadband Connection)
(i)उच्च तीव्रता
(ii) बेहतर विश्वसनीयता
(iii) हमेशा उपलब्ध
(iv) जोड़ने के लिए कम समय की आवश्यकता
हानियाँ [Disadvantages]
(i) उच्च कीमत
(ii) सभी क्षेत्रों में अनुपलब्धता।
Wireless कनैक्शन [Wi - Fi]
Wi - Fi वगैर तार के इंटरनेट से जुड़ने का आसान तरीका है। Wi-Fi की range 100 to 300 feets है। Wi - Fi का मतलब है Wireless Fidelity. Wi - Fi कनैक्शन की आवश्यकता निम्नलिखित है।
1 .एक ब्रांडबैंड कनैक्शन
2. एक Wireless router
3. एक Wi - Fi कार्ड लगा हुआ कम्प्यूटर
Wi-Fi Hotspots एक स्थान है जो Wi - Fi access प्रदान करता है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है।
लाभ (Advantages)
(i) इसे लगाना कम खर्चीला है।
(ii) यह एक निश्चित स्वान पर निश्चित नहीं है।
(iii) इसमें तार या केबल की आवश्यकता नहीं है।
(iv) उन स्थानों के लिए आदर्श है जहाँ बहुत सी रुकावटें है जैसे मोटी दीवारें इत्यादि।
हानियाँ [Disadvantages]
(i) सुरक्षा समस्या
(ii) अति संवेदनशील
इंटरनेट के उपयोग [Service (or applications) of Internet]
इंटरनेट के कई उपयोग है आओ हम कुछ महत्त्वपूर्ण उपयोगों पर विचार करें।
ई मेल (इलैक्ट्रोनिक मेल) [E-Mail (Electronic Mail)]
इंटरनेट की सबसे अधिक विस्तृत प्रयोग की जानी वाली विशेषता इलेक्ट्रोनिक मेल है जिसे साधारणतया संक्षेप में ई-मेल (E-mail) कहते है।
प्ररिभाषा : E-mail refers to sending and receiving messages electronically. Main advantages of e-mail are speed, low cost and easy to use. 1
डाक-सेवा से अपने देश में पत्र भेजने के लिए कई दिन लग सकते हैं और संसार के अन्य भागों में भेजने के लिए कई सप्ताह लग सकते है।
समय और धन को बचाने के लिए लोग संसार के कोनों में पत्र भेजने के लिए ई-मेल का प्रयोग करते हैं। ई-मेल डाक सेवा से बहुत तीव्र, आसान और सस्ता है।
ई-मेल का अर्थ है कि कोई भी यूजर सन्देशों को इल्क्ट्रोनिक विधि से किसी व्यक्ति विशेष या ग्रुप के लोगों में भेजना। ई-मेल का अर्थ केवल सन्देश भेजने तक सीमित नहीं है
अपितु कोई भी डॉक्यूमेंट-फाईल, पिक्चर, प्रोग्राम, घोषणा, मैगजीन इत्यादि भेज सकते हैं। कई यूजरो के लिए, ई-मेल और उसका प्रयोग वास्तव में इंटरनेट का प्रथम प्रयोग होता है।
प्रत्येक यूजर का इंटरनेट पर एक पता (address) होता है। यह पता आपको उस यूजर को पहचानने में सहायक होता है जिसे आप ई-मेल भेजना चाहते है। ई-मेल पते का उदाहरण इस प्रकार है Shivankgoel@yahoo.com
प्रायः अधिकतर ई-मेल कम्प्यूटर से कम्प्यूटर पर भेजे जाते हैं। परन्तु आप ई-मेल को मोबाईल, पी.डी.ए तया अन्य उपकरणो द्वारा भी भेज सकते हैं।
जिस प्रकार एक पत्र विभिन्न डाक स्टेशन में होता हुआ अपने अन्तिम छोर पर पहुँचता है। इस प्रकार ई-मेल इंटरनेट यात्रा में एक कम्प्यूटर जिसे मेल-सर्वर कहते हैं से होकर दूसरे कम्प्यूटर तक जाता है। एक ई-मेल अन्तिम छोर के मेल सर्वर में पहुँचने के बाद, इलेक्ट्रॉनिक मल बॉक्स में स्टोर हो जाता है अब प्राप्तकर्ता उसे प्राप्त कर सकता है।
ई-मेल के लाभ [Advantages of E-Mail]
(i) गतिः सन्देश मिन्ट या सैकिण्ड में प्राप्तकर्ता के मेल बाक्स में होंगे।
(ii) कम कीमत: विश्व में सन्देश को भेजने के लिए बहुत कम कीमत लगती है। तीन पेज का पत्र अमेरिका (USA) में कोरियर द्वारा भेजने के लिए 300 रुपये लगते हैं। यहीं पत्र ई-मेल के द्वारा भेजने में मात्र एक लोकल काल का खर्च आता है।
(iii) उपयोग करना आसान ई-मेल भेजना बहुत आसान है। (iv) किसी भी स्थान से ई-मेल भेजना व प्राप्त करना आप पृथ्वी पर किसी भी स्थान से ई-मेल भेज सकते हैं अथवा प्राप्त कर सकते हैं बशर्ते आपके पास इंटरनेट हो।
(v) प्रमाणित मेल : सन्देश की डिलीवरी को प्रमाणित किया जा सकता है
(vi) किसी भी समय ई-मेल भेजना व प्राप्त करना आप दिन के किसी भी समय ई-मेल भेज सकते हैं और प्राप्त कर सकते हैं।
(vii) रिकार्ड का प्रतिपादन (Maintenance): क्योंकि सभी सन्देश फाईले हैं आप दूसरे के साथ संचार के रिकार्ड का प्रतिपादन कर सकते है।
(viii) कम कागज की जरुरत ई-मेल कागजी प्रक्रिया के आयतन को कम करता है।
(ix) पुनः उपयोग: वहीं सन्देश बिना किसी अन्य कोशिश से बहुत से लोगों को भेज सकते है।
(x) धैर्य प्रदान करना: फोन, मोबाईल या फैक्स की तरह, यूजर को उसी समय संचार को प्राप्त करने के लिए उपस्थित होना आवश्यक नहीं है। आप किसी भी समय ई-मेल को वैक कर सकते हो।
ई-मेल की सीमायें [Limitation of E-Mai
(i) हार्डवेयर की आवश्यकता ई मेल के लिए आपके पास कम्प्यूटर, मोडम, फोन और इंटरनेट कनैक्शन अवश्य होना चाहिए।
(ii) भावना रहित भावना व्यक्त करना कठिन है
(iii) बदलने योग्य प्राप्तकर्ता या अन्य द्वारा आपका ई-मेल बदला जा सकता है।
(iv) दुरुपयोग: कुछ लोग वायरस को फैलाने के लिए अधिकतर ई-मेल का प्रयोग करते हैं।
(v) प्राप्तकर्ता के पास ई-मेल account or ID होना आवश्यक है।
WWW और वेबसाईट [WWW and Websites]
टेक्स्ट वर्ल्ड वाईड वेब (Called WWW or Web या संक्षप में W3) इंटरनेट से जुड़ने का सबसे अधिक लोकप्रिय आसान तरीका है। WWW में प्रत्येक सूचना एक विशेष डॉक्यूमेंट के रूप में स्टोर हो जाती है जिसे वेब-पृष्ठ या (वेब-टक्स्ट) कहते हैं।
वेब पृष्ठ एक डॉक्यूमेंट है जिसमें टेक्स्ट, पिक्चर, ओडियों (आवाज), वीडियों, एनीमेशन और दूसरे वेब पृष्ठों की लिंक (Link) होते है। कई सम्बन्धित वेब पृष्ठ मिलकर एक वेब-साईट बनाते हैं। इस प्रकार वेब साईट सम्बन्धित वेब पृष्ठों का एक समूह होता है।
परिभाषा :
A website is a group of related webpages.
वेबसाईट में एक वेबपृष्ठ दूसरे वेबपृष्ठों के लिंक होते हैं। लिंको को हाईपर लिंक कहते है। एक लिंक स्क्रीन पर कई तरह से दिखाई जा सकती है जैसे कि लेबल बटन, हाईलाईटड (Highlighted) टेक्स्ट या विभिन्न रंग टेक्स्ट, रेखांकित टेक्स्ट या ग्राफिक संकेत।
Remark
: The difference between a normal text and a hyperlink (or simply link) is that, when you take your mouse cursor over a hyperlink, it turns into a hand shaped cursor.
वेबसाईट टेक्स्ट वेब-सर्वर में एकत्रित होती है और जब कभी कोई यूजर वेब साईट के लिए प्रार्थना करता है तो वेब सर्वर यूजर के कृम्प्यूटर पर वेब साईट की प्रति प्रदान करता है।
परिभाषा :
Web Server is a powerful computer which contain information in the form of Web sites.
अब आप जानते हैं कि WWW में प्रत्येक वेब साईट, वेब पृष्ठों के रूप में एकत्रित होती है। एक यूजर वेब ब्राउजर का प्रयोग करक वेब पृष्ठ देख सकता है। इंटरनेट एकस्प्लोरर, Netscape Communicator इत्यादि वेब ब्राउजर के उदाहरण है।
प्रत्येक वेब साईट या वेब पृष्ठ का एक अद्वितीय (Unique) पता होता है जिसे यू.आर.एल. (यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर) कहते हैं। इस प्रकार जब हम किसी विशेष वेबसाईट (जैसे दयाल सिंह कॉलेज वेबसाईट) पर जाना चाहते हैं तो निम्न कदमों का अनुसरण करते हैं।
(i) वेब ब्राउजर खोलो।
(ii) वेब ब्राउजर के Address Bar पर वेब साईट का पता टाईप करो।
(iii) Entry key दबाओ।
(iv) अब वेब ब्राउजर वेब सर्वर से जुड़ गया। वेब सर्वर और वेब पृष्टों को अपने आपके कम्प्यूटर में लोड करता है।
वेबसाई के प्रथम वेब पृष्ठ को होम पेज कहते हैं। इस प्रकार जब एक वेबसाईट खुलती है। इसका होम पेज सबसे पहले दिखाई देता है। होम पेज में वेबसाईट के दूसरे पृष्ठ जुड़े होते है।
यह स्पष्ट है कि WWW Client Server model का उपयोग करता है। एक वेब ब्राउजर एक client
परिभाषा :
WWW is a set of program, standard and protocols that allows the text, images, animations, audio, videos to be stored and accessed and linked together in the form of web sites.
प्रोग्राम है जो WWW द्वारा निर्देशित होता है और पृष्ठों को प्रदर्शित करता है। वेब ब्राउजर वेब सर्वर से पृष्ठ मांगता है। वेब सर्वर इच्छित पृष्ठ वेब ब्राउजर को प्रदान करता है जो वेब ब्राउजर प्रदर्शित करता है।
इस प्रकार WWW सारे संसार के हज़ारों कम्प्यूटरो के वेबसाईटों के रूप में एकत्रित, करोड़ों वेबपृष्ठों का एक संग्रहण है।
इंटरनेट और www में अन्तर [Difference between Internet and WWW]
यद्यपि WWW को प्रायः इंटरनेट के रूप में जानते हैं, परन्तु वे वास्तव में दो भिन्न अवधारणाएं है। इंटरनेट कंप्यूटरों के ग्लोबल नेटवर्क का विकेन्द्रीयकरण है जो सूचनाओं को स्थानांतरित करता है जबकि WWW अभिलेखो या वेबसाईट का एक संग्रहण है जिसको यूजर इंटरनेट और वेब ब्राउजर का प्रयोग करके प्राप्त कर सकता है। इस प्रकार WWW इंटरनेट का एक भाग है।
इंटरनेट का संचार [Communication of Internet]
इंटरनेट के परस्पर संचार के मुख्य दो तरीके हैं:
1. आई.आर.सी. (इंटरनेट रिले चैट) या केवल चैट
2.वीडियो कान्फ्रेंसिंग
आई.आर.सी. [IRC]
इंटरनेट रिले चैट (IRC) या केवल चैट इंटरनेट यूजरो का दूसरे यूजरो से संचार करने की एक लोकप्रिय तरीका है।
परिभाषा: Online textual Communication is called chatting
आओ हम एक टेलीफोन वार्तालाप पर विचार करे। मान लो आप अपने मित्र से टेलीफोन पर बात करना चाहते हैं।
टेलीफोन वार्तालाप में आप कुछ कहते हैं और आपका मित्र सुनता है और उसका जवाब देता है और तुम उसके जवाबों को सुनते हो और तुम तुरन्त उत्तर देते हो।
ठीक इसी तरह चैटिंग में तुम अपनी स्क्रीन पर एक सन्देश टाईप करते हो जो प्राप्तकर्ता द्वारा तुरन्त प्राप्त कर लिया जाता है और प्राप्तकर्ता तुम्हारे सन्देश के जवाब में सन्देश टाईप करके भेजता है जो आप द्वारा तुरन्त प्राप्त कर लिया जाता है।
IRC एक मल्टी-यूज़र प्रणाली है। चैटिंग द्वारा एक साथ कई लोगों द्वारा वार्तालाप में मजा ले सकते हैं। उनके वार्तालाप समूहों को चैनल कहते हैं।
इस प्रकार IRC एक मल्टी-यूज़र प्रणाली है जहाँ लोग सार्वजनिक या व्यक्तिगत चैनलों में हिस्सा लेते हैं और जो कोई भी चैनल से जुड़ा होता है, सन्देश प्राप्त करता है। यूजर उसे पढ़ सकता है, जवाब दे सकता है या उसे नजर अन्दाज़ कर सकता है या अपना निजी सन्देश भेज सकता है।
यदि आप चैट करना चाहते हैं तो आप सर्वर पर लाग-आन (Log on) करो जिससे आपको चैट की सुविधा प्राप्त होगी। कुछ साईट जहाँ आप चैट कर सकते हैं वे इस प्रकार है:
http://chat.yahoo.com
http://msn.chat.com
http://chat.sify.com
http://www.talkcity.com
http://chat.123india.com
http://chat.lycos.com
अधिकत्तर चैट-साईट में, आपको चैट करने से पहले पंजीकरण करवाना पढ़ता है। फिर कुछ ऐसी साईट है जहाँ पर पंजीकरण करवाने की आवश्कयता नहीं है।
उदाहरणतया WWW.chatweb.net एक साईट है जहाँ पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। आपको केवल उपनाम टाईप करने की आवश्यकता है।
चैट के क्रम [Steps of Chat]
WWW.chatweb.net साईट पर बात करने के निम्नलिखित क्रम अपनाओं: NETWORK
1. अपने वेब ब्राउजर के address bar पर WWW.chatweb.net टाईप करके चैट-पेज खोलो।
2.किसी भी वर्ग की चैट को चुनो उदाहरणतयाः सामान्य चैट (General chat) को Clilck करो। स्क्रीन इस प्रकार दिखाई देगी।
3.हैण्डल बाक्स (Handle Box) में अपना नाम एब्टर करो और ई-मेल पते बाक्स (E-mail address bar) में, ई-मेल पता एन्टर करो। अन्त में Enter chat Room बटन पर click करो। स्क्रीन इस प्रकार दिखाई देगी।
4. सन्देश भेजने के लिए सन्देश बाक्स में सन्देश टाईप करो और एन्टर का बटन दबाओ या चैट/रिफ्रेश (Chat/Refresh) बटन को click करो।
5. आप Change Room hyperlink को click करके Chat Room को बदल सकते हो।
वीडियो कानसिंग [Video Conferencing]
वीडियो कान्फैंसिंग से आप इंटरनेट द्वारा दूर बैठे लोगों से आमने-सामने बात कर सकते हो। टी.वी. प समाचार देखते समय हम प्रतिदिन वीडियों-कानफ्रैंसिंग के उदाहरण देखते है।
लोगों द्वारा राजनैतिक व्यापार, मैडिकल तथा सामाजिक मामलों पर विचार विमर्श करने के लिए मुख्यतः इस तकनीक क प्रयोग किया जाता है।
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के लिए हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर की आवश्यकता [Requirement of Video-Conferencing]
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के लिए निम्नलिखित हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर की आवश्यकता है:
1. मल्टी-मीडिया पी.सी. (माईक्रोफोन, सांऊड कार्ड तथा स्पीकर सहित पी.सी)
2. डिजीटल कैमरा (या वेबकैम)
3. इंटरनेट कनेक्शन
4. वीडियो कान्नैसिंग सॉफ्टवेयर जैसे माइक्रो सोफ्ट नेट मीटिंग (Microsoft Net Meeting)
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के क्रम [Steps to hold a Video-Conferencing]
1. डैस्कटाप पर माईक्रोसाफ्ट नेटमीटिंग को click करके नेट मीटिंग शुरु करो। स्क्रीन इस प्रकार दिखाई देगी।
2. नेट मीटिंग के काल मेनू (Call menu) से न्यू काल (New call) विकल्प चुनो एक dialog box स्क्रीन पर दिखाई देगा जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है
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